Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
किडनी की पथरी हो जाà¤à¤—ी छू मंतर, आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में ही इसे मात देने की आसान चाबी
पहले जो रोग बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ के लकà¥à¤·à¤£ माने जाते थे वो सà¤à¥€ आजकल यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में ही लोगों को अपना शिकार बनाते जा रहे हैं। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• है किडनी में पथरी होने की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤ जाहिर है à¤à¤¸à¤¾ होने में कहीं न कहीं हमारी गलत दिनचरà¥à¤¯à¤¾ और खानपान जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। चौकाघाट सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ राजकीय सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤•ोतà¥à¤¤à¤° आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ à¤à¤µà¤‚ चिकितà¥à¤¸à¤¾à¤²à¤¯, वाराणसी के कायचिकितà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤µà¤‚ पंचकरà¥à¤® विà¤à¤¾à¤— के वैदà¥à¤¯ डा. अजय कà¥à¤®à¤¾à¤° बताते हैं कि हमारे यूरिन में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ततà¥à¤µ होते हैं, जो शरीर में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ बनने से रोकते हैं।
ये ततà¥à¤µ हैं साइटà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, विटामिन बी 6, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® आदि। जिन लोगों में ये ततà¥à¤µ कम मातà¥à¤°à¤¾ में या नहीं होते है, उनमें सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ बनने की आशका बढ़ जाती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ के गà¥à¤°à¤‚थों में लगà¤à¤— 5000 वरà¥à¤· पूरà¥à¤µ से ही किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ यानी वृकà¥à¤• अशà¥à¤®à¤°à¥€ का वरà¥à¤£à¤¨ मिलता है और इसकी सफलतापूरà¥à¤µà¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ के लिठऔषधियों के साथ साथ शलà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ का à¤à¥€ उलà¥à¤²à¥‡à¤– है।
इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से पथरी का पता चलता है : पेट में किडनी के पास वाले हिसà¥à¤¸à¥‡ में असहनीय दरà¥à¤¦ होना। पेशाब करते समय दरà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ जलन होना। पेशाब का पीला होना। यूरिन में बहà¥à¤¤ बदबू होना साथ ही खून आना। उलटी जैसा लगना।
कà¥à¤¯à¤¾ करें की पथरी न हो : आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ का मूलà¤à¥‚त सिदà¥à¤§à¤¾à¤¤ है कि रोग को होने ही न दिया जाà¤à¥¤
इसके लिठनिमà¥à¤¨ उपायों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ को बनने से रोका जा सकता है : टमाटर, चà¥à¤•ंदर, अमरà¥à¤¦ या पालक कम मातà¥à¤°à¤¾ में खाà¤à¤‚। रेड मीट यानी बकरे और अनà¥à¤¯ बड़े जानवरों का मास खाना छोड़ दें या फिर बिलà¥à¤•à¥à¤² कम खाà¤à¤‚। अगर बहà¥à¤¤ इचà¥à¤›à¤¾ हो तो महीने में à¤à¤•-दो बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न खाà¤à¤‚। रोजाना कम-से-कम 9-10 गिलास पानी पिà¤à¤‚। बीज वाली चीजों का सेवन कम मातà¥à¤°à¤¾ में करें।
कà¥à¤¯à¤¾ है आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इलाज : किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का बेहतर इलाज केवल आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में संà¤à¤µ है। खास बात यह कि बड़े बड़े यूरोलोजिसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ इस बीमारी में आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ की दवाओं से इलाज करते हैं। सामानà¥à¤¯ रूप से 10 à¤à¤®à¤à¤® तक की सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का इलाज औषधियों से आसानी से हो जाता है लेकिन सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ का साइज इससे बड़ा हो तो शलà¥à¤¯ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निकाल देना चाहिà¤à¥¤ किडनी की पथरी के इलाज के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में पाषाणà¤à¥‡à¤¦ या पथरचट नाम के पौधे के 5-6 पतà¥à¤¤à¥‡ आधा गिलास पानी में उबाल कर सà¥à¤¬à¤¹-शाम पीने से लाठबताया गया है। वरà¥à¤£à¤¾à¤¦à¤¿ कà¥à¤µà¤¾à¤¥, गोकà¥à¤·à¥à¤°à¤¾à¤¦à¤¿ गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤², पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤µà¤¾ कà¥à¤µà¤¾à¤¥ आदि दवाà¤à¤‚ à¤à¥€ बहà¥à¤¤ कारगर है। गोकà¥à¤·à¤°à¥‚, तृणपंचमूल, पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤µà¤¾ आदि औषधियों के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसमें लाठमिलता है। इसके साथ ही कà¥à¤²à¤¥à¥€ की दाल à¤à¥€ कि डनी में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने में कारगर है। मगर ये सà¤à¥€ दवाà¤à¤‚ आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ चिकितà¥à¤¸à¤• के परामरà¥à¤¶ से ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
| --------------------------- | --------------------------- |